बांसवाड़ा। दिगंबर जैन सोशल एंड कल्चरल ग्रुप जिला बांसवाड़ा द्वारा गणिनी आर्यिकारत्न ज्ञानमती माताजी की सुशिष्या गणिनी आर्यिका चंदनामति माताजी का 38वां दीक्षा दिवस पारंपरिक श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने माताजी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।

विशेष भक्ति के साथ मंगलकामना

प्रातः ग्रुप के जिला संयोजक अजीत कोठिया ने गणिनी आर्यिका चंदनामति माताजी की विशेष भक्ति करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ दीक्षा दिवस के आयोजन में सहभागिता की।

अयोध्या में हुआ मुख्य समारोह

दीक्षा दिवस का मुख्य समारोह अयोध्या में गणिनी आर्यिकारत्न ज्ञानमती माताजी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का पारस चैनल पर लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसके माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने आयोजन का लाभ लिया।

व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर लघु नाटिक

समारोह के दौरान गणिनी आर्यिका चंदनामति माताजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया गया। नाटिका के माध्यम से माताजी के धार्मिक जीवन, साधना एवं साहित्यिक योगदान को प्रस्तुत किया गया।

साहित्य साधना का विशेष योगदान

गणिनी आर्यिका चंदनामति माताजी ने 225 ग्रंथों एवं 1000 से अधिक भजनों की रचना की है। उनकी साहित्य साधना जैन धर्म के आध्यात्मिक एवं धार्मिक संदेशों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

गुरु परम्परा के प्रति समर्पण

आयोजन में माताजी की गुरु परम्परा के प्रति दृढ़ निष्ठा एवं समर्पण को विशेष रूप से स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं ने उनके दीर्घ साधनामय जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया।

अर्घ्य समर्पण के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में गणिनी आर्यिका चंदनामति माताजी को श्रद्धापूर्वक अर्घ्य समर्पित किए गए। भक्तिभाव एवं मंगलकामनाओं के साथ 38वें दीक्षा दिवस का आयोजन सम्पन्न हुआ।