आपको बता दें कि, ईशुरवारा की भूमि वह भूमि है जहां पर एक बालक का जन्म हुआ जिसका नाम रखा गया जयकुमार। जयकुमार को आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने दीक्षा देकर बना दिया पूज्य निर्यापक श्रमण सुधासागर जी महाराज। पूज्य सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद से कई मन्दिर, कई स्कूल, हॉस्पिटल, गौशाला संचालित हो रही हैं। प्राणी मात्र पर करुणा करने वाले एक महान गुरु है। ईशुरवारा 900 वर्ष प्राचीन श्री शांतिनाथ भगवान का अतिशय क्षेत्र है। श्री शांतीनाथ भगवान ही पूज्य सुधासागरजी महाराज के वैराग्य में निमित्त बने। ऐसे गुरु की जन्मस्थली ईशुरवारा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
सामान्य इंद्र इंद्राणी राशि 5,100/रुपए
इन नंबरों पर करें संपर्क- 9926965699, 9424450545, 9302910021, 9669836248




