इंदौर/भोपाल। मप्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति एवं हिन्दी भवन न्यास, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी भवन में आयोजित भव्य समारोह में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के गणित आचार्य प्रो. डॉ. अनुपम जैन को उनकी चर्चित कृति ‘जैन गणित’ पर ‘श्री हजारीलाल जैन वांग्मय पुरस्कार’ प्रदान कर ‘हिन्दी सेवी’ के रूप में सम्मानित किया गया। साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के निदेशक एवं राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री डॉ. विकास दवे ने डॉ. जैन का परिचय देते हुए कहा- ‘डॉ. अनुपम जैन की कृति ‘जैन गणित’ एक महाग्रंथ है। वैदिक गणित और जैन गणित भारतीय गणित की दो प्रमुख शाखाएं हैं, इन्हें जाने बिना भारतीय गणित को समझना संभव नहीं। इस महाग्रंथ के सृजन द्वारा डॉ. जैन ने भारतीय गणित की अतुलनीय सेवा की है।’

लेखन से राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का गौरव बढ़ा है

समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा एवं त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल माननीय श्री कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी है, हिन्दी में भी 60-70 प्रतिशत शब्द संस्कृत के हैं। संस्कृति की रक्षा के लिए संस्कृत का अध्ययन और राष्ट्रभाषा हिन्दी में लेखन अत्यंत आवश्यक है। विशेष अतिथि भोपाल सांसद आलोक शर्मा एवं विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि प्रदेश भर से पधारे साहित्यकारों का सम्मान कर हम स्वयं गौरवान्वित हैं। आपके लेखन से राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का गौरव बढ़ा है। अध्यक्षता कर रहे न्यास के कार्याध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने कहा कि इतनी उत्कृष्ट कृतियों का सृजन कर आपने हमें सम्मानित होने का अवसर दिया है।

समारोह में साहित्य जगत के विद्वान रहे उपस्थित

मीडिया मेन राजेश जैन दद्दू ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ कु. मिश्रा द्वारा वंदे मातरम् गान से हुआ तथा सक्सेना के आभार प्रदर्शन के साथ समापन हुआ। इस गरिमामय समारोह में हिन्दी भवन सभागार खचाखच भरा रहा। इस अवसर पर आईएएस सुरेश जैन सहित अनेक साहित्यकार, चिंतक एवं मनीषी उपस्थित थे। संचालन सोलंकी ने किया।