मुरैना/नई दिल्ली। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान (पंजी.) ने विजयादशमी के पावन अवसर पर समस्त धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं को मंगल शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। संस्थान ने धर्म, सदाचार, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
आचार्यश्री का मंगल आशीर्वाद
संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन ग्रीनपार्क की ओर से जारी संदेश में परम पूज्य प्राकृत भाषा चक्रवर्ती, अभिक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री 108 वसुनंदीजी महाराज के मंगल आशीर्वाद का उल्लेख किया गया। संदेश में विजयादशमी को आत्मविजय तथा आंतरिक विकारों पर विजय प्राप्त करने का पर्व बताया गया।
स्वयं पर विजय ही सच्ची विजय
संदेश में कहा गया कि जैन धर्म के अनुसार वास्तविक विजय दूसरों पर नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद क्रोध, मान, माया, लोभ, राग और द्वेष जैसे विकारों पर विजय पाने में है। भगवान जिनेंद्र के बताए मार्ग पर चलकर अहिंसा, सत्य, क्षमा, करुणा, संयम और अपरिग्रह को जीवन में अपनाना ही पर्व की सार्थकता है।
धर्मप्रभावना और परोपकार का आह्वान
संस्थान ने समाज सेवा, धर्मप्रभावना और परोपकार के कार्यों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की प्रेरणा दी। कहा गया कि सच्चा दशहरा तभी सार्थक होगा, जब व्यक्ति अपने विकारों का परिष्कार कर आत्मा के निर्मल स्वरूप की दिशा में आगे बढ़ेगा।
सुख-शांति और सम्यक मार्ग की कामना
राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन ने सभी के जीवन में धर्म एवं सदाचार का प्रकाश, परिवारों में प्रेम-सद्भाव और सुख-शांति बने रहने की मंगलकामना की। साथ ही भगवान जिनेंद्र के प्रति श्रद्धा बढ़ाने तथा सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
श्रीफल साथी : मनोज जैन नायक, मुरैना





