मुरार जैन समाज का पुण्य प्रबल : लगातार मिल रहा संतों का समागम

मुरार को परम पूज्य वंदनीय गुरु मां आर्यिका श्री पुण्यमति माता जी संसघ का वर्षायोग कराने का अवसर प्राप्त हुआ। सकल जैन समाज मुरार ग्वालियर की आम पंचायत में विजय जैन को मुख्य संयोजक बनाया गया। पढ़िए यह रिपोर्ट...
मुरार। वर्ष 2022 में मुरार जैन समाज ने परम पूज्य वंदनीय गुरु मां गणिनी आर्यिका श्री आर्षमति माता जी का भव्य चातुर्मास कराया तो गुरु मां ने आशीर्वाद दिया की आपको निरंतर चातुर्मास कराने का अवसर मिलता रहे। चातुर्मास में मुख्य भूमिका निभाने वाले प्रदीप जैन बड़ा गांव वाले, राजकुमार जैन, अजय जैन प्रोफेसर, सत्येन्द्र जैन डिम्पल, अशोक जैन ऐसाह वाले, कुशल जैन बांबी एवं समस्त कार्यकारणी ने अपनी मेहनत और लगन से पुनः मुरार, ग्वालियर को परम पूज्य वंदनीय गुरु मां आर्यिका श्री 105 पुण्यमति माता जी संसघ का वर्षायोग कराने का अवसर प्राप्त हुआ। सकल जैन समाज मुरार ग्वालियर की आम पंचायत में विजय जैन को मुख्य संयोजक बनाया गया।
प्रतिक्रिया व्यक्त करेंShare your reaction
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
रिश्तों में बढ़ती दूरियां और जीवन की थकान के बीच स्वयं को बदलें: आचार्य श्री सुनीलसागरजी ने धर्मसभा में रिश्तों की अहमियत को समझाया
नेमी नगर जैन कॉलोनी के घूंघट गार्डन स्थित सन्मति समवशरण में बुधवार को आचार्यश्री सुनीलसागर जी की धर्मसभा हुई। इसमें आचार्यश्री ने अपनी मंगल देशना देते हुए कहा कि जीवन की भागदौड़ में आज इंसान के चेहरे पर मुस्कान तो दिखाई देती है, लेकिन कई बार वह मुस्कान भीतर की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। इंदौर से पढ़िए, आर्यिका संपूर्णमति माताजी की कलम से यह प्रस्तुति..
इंदौर • Shreephal Jain News • 30-09-2026, 04:49 pm
गुरु की पहचान वेश से नहीं, संयम और आत्मकल्याण की दिशा से होती है : गुरु-मूढ़ता से बचकर सद्गुरु के उपदेश जीवन में उतारें — आचार्य उदारसागर महाराज
मुरैना में आचार्य उदारसागर और मुनि उपशांतसागर महाराज ने गुरु-मूढ़ता से बचने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सद्गुरु की पहचान ज्ञान, संयम, त्याग और वीतरागता की साधना से होती है। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की रिपोर्ट।
मुरैना • मनोज जैन नायक • 30-09-2026, 03:18 pm



