देश के अग्रणी अप्रत्यक्ष कर विशेषज्ञ सीए (एडवोकेट) विमल जैन ने अपने ज्ञान, परिश्रम और दूरदृष्टि से कराधान एवं विधि के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनका जीवन समर्पण, निरंतर अध्ययन और उत्कृष्टता का प्रेरक उदाहरण है। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह विशेष रिपोर्ट।
मुरैना/नोएडा। सीए (एडवोकेट) विमल जैन आज देश के अग्रणी अप्रत्यक्ष कर विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। "जीएसटी गुरु" के नाम से प्रसिद्ध विमल जैन ने अपनी प्रतिभा, अथक परिश्रम और सतत अध्ययन के बल पर कराधान एवं विधि के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
उनका जन्म पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचिया समाज के प्रतिष्ठित परिवार में श्री मुरारीलाल जैन एवं श्रीमती शैलवाला जैन के यहां हुआ। वर्तमान में वे अपनी धर्मपत्नी बीना जैन, पुत्र एडवोकेट अनुमेय जैन, अनुराग जैन तथा पुत्रवधु कृतिका जैन के साथ नोएडा में निवास करते हैं।
तीन दशक से अधिक का समृद्ध अनुभवसीए विमल जैन पिछले तीन दशकों से अधिक समय से जीएसटी, सेवा कर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, वैट/सीएसटी, विदेश व्यापार नीति (FTP), डीजीएफटी, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), निर्यात उन्मुख इकाइयों (EOU) तथा आयात-निर्यात कानूनों से जुड़े परामर्श, प्रतिनिधित्व एवं वादकरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
मई 1994 में भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) के सदस्य बनने के बाद उन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2006 में भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) की सदस्यता प्राप्त की तथा विधि स्नातक (LLB) की शिक्षा लेकर अपने ज्ञान को और व्यापक बनाया।
कठिन क्षेत्र को चुना, बनाई नई पहचानजब अधिकांश पेशेवर प्रत्यक्ष कर या लेखा-परीक्षण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे थे, तब विमल जैन ने अप्रत्यक्ष कराधान जैसे जटिल क्षेत्र को चुना। उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट से लेकर जीएसटी तक के संक्रमण काल में उन्होंने न केवल स्वयं को समय के अनुरूप ढाला, बल्कि हजारों व्यापारियों, अधिकारियों और पेशेवरों को भी प्रशिक्षित एवं जागरूक किया।
A2Z Taxcorp LLP के संस्थापकसीए विमल जैन नई दिल्ली स्थित A2Z Taxcorp LLP के संस्थापक हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह संस्था आज देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों एवं उद्योग समूहों को अप्रत्यक्ष कर एवं विधिक परामर्श प्रदान कर रही है। संस्था की विशेषता जटिल कर विवादों के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना है।
वक्ता, लेखक और प्रशिक्षक के रूप में भी पहचानवे ICAI, ICSI एवं ICMAI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नियमित संकाय सदस्य रहे हैं तथा देशभर में आयोजित सैकड़ों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में व्याख्यान दे चुके हैं। उनकी सरल, व्यावहारिक और विषय की गहराई से परिपूर्ण प्रस्तुति उन्हें देश के लोकप्रिय वक्ताओं में स्थान दिलाती है।
लेखन के क्षेत्र में उनकी पुस्तक "GST Law and Commentary (with Analyses & Procedures)" कर विशेषज्ञों के बीच एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ मानी जाती है। वर्ष 2026 में इसका दसवां संस्करण प्रकाशित होना इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
राष्ट्रीय सम्मान और उपलब्धियांसीए विमल जैन ने ICSI द्वारा आयोजित "Largest Taxation Lesson on GST" कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्हें बिजनेस लीडर अवार्ड, बेस्ट स्पीकर अवार्ड, यंग अचीवर्स अवार्ड सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
युवाओं के लिए प्रेरक संदेशसीए विमल जैन का मानना है कि सफलता का आधार केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि निरंतर सीखने की प्रवृत्ति है। उनका संदेश है—
> "जिस क्षेत्र को चुनें, उसमें गहराई तक जाएं। निरंतरता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाइए और जो ज्ञान प्राप्त करें, उसे समाज के साथ साझा कीजिए। ज्ञान बांटने से घटता नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास के रूप में कई गुना होकर लौटता है।"
आज सीए (एडवोकेट) विमल जैन केवल एक सफल कर विशेषज्ञ नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिकता, विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के पर्याय बन चुके हैं। उनका जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि समर्पण, अध्ययन और सकारात्मक दृष्टिकोण के बल पर साधारण शुरुआत को भी असाधारण उपलब्धियों में बदला जा सकता है।




