भोपाल, 6 अक्टूबर। मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में दिगंबर जैन समाज द्वारा सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित किया गया। लोकतंत्र के इस प्रमुख परिसर में धर्म, अहिंसा, क्षमा और करुणा का संदेश गूंजा।

कार्यक्रम में श्रद्धालु श्वेत परिधानों एवं महिलाएं केसरिया वस्त्रों में उपस्थित रहीं। समाजजनों ने परस्पर “मिच्छामि दुक्कडम्” कहकर जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमायाचना की। विधानसभा की आधिकारिक सूचना के अनुसार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर तथा मंत्री चैतन्य काश्यप सहित जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अहिंसा विश्व धर्म है

आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि जैन धर्म जातिवाद का नहीं, बल्कि वैराग्य, जीवदया और अहिंसा की भावना का धर्म है। अहिंसा किसी एक धर्म अथवा व्यक्ति की नहीं, बल्कि विश्व धर्म है। प्रत्येक जीव सुख और शांति चाहता है, इसलिए करुणा और दया के बिना धर्माराधना पूर्ण नहीं हो सकती।

उन्होंने अपने गुरु संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव जीवदया और करुणा का संदेश दिया। आचार्यश्री ने कहा कि विचारों के अंतर से रिश्तों में क्रोध की अग्नि उत्पन्न होती है, जिसे क्षमा रूपी जल से बुझाया जा सकता है। इसके लिए संयम और आत्मानुशासन जरूरी है।

क्षमा अंतर्मन को बनाती है मजबूत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा में आचार्यश्री का आगमन सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि क्षमा मनुष्य का आभूषण है; यह अहंकार का नाश कर जीवन में सहजता, सरलता और आनंद बढ़ाती है। मुख्यमंत्री ने सभी से जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा भी मांगी।

श्रद्धालुओं ने लिया अहिंसा का संकल्प

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, भजन, आचार्यश्री की पूजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। समारोह में प्रदेशभर से समाजश्रेष्ठी और श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने विश्वशांति, जीवदया, अहिंसा और परस्पर क्षमा के भाव के साथ महोत्सव का समापन किया।

श्रीफल साथी : राजेश जैन दद्दू, इंदौर