विशेषज्ञों के मुताबिक- सोने से कम से कम तीन घंटे पहले डिनर जरूर कर लेना चाहिए। ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का एक आदर्श समय होता है। एक अन्य विशेषज्ञ के मुताबिक रात आठ बजे तक डिनर कर लेना चाहिए। इसके बाद कुछ नहीं खाना चाहिए। अगर आप डिनर नहीं कर पाए हैं तो कुछ हल्का फुल्का या सोने से पहले एक गिलास दूध का सेवन कर सकते हैं। कहने की जरूरत नहीं कि कोरोना काल के बाद लोगों का जीवन कई मामलों में बदला है, जीवनशैली बदली है। इन बदलावों ने लोगों की सामाजिकता और मानसिकता पर भी असर डाला है। स्वास्थ्य मामले में लोगों में जागरुकता बढ़ी है। दुनियाभर में लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक हुए। एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप और अमेरिका में भी लोग जल्दी भोजन करने लगे हैं। उनकी देर तक जागने की आदत भी कम हुई।
कोविड काल के वर्क फ्रॉम होम कल्चर की बात करें तो जब लोगों का फिर दफ्तर जाना शुरू हुआ तो कंपनियों ने आफिस की टाइमिंग सुबह जल्दी कर दी। इसका असर यह हुआ कि लोग शाम को जल्दी दफ्तर के काम से फ्री होकर घर आने लगे और जल्दी डिनर के बाद सोने की आदत डाली। देर रात तक जागने की आदत में बदलाव आया। आंकड़े गवाह हैं कि यूरोप, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों में अब रेस्तरां में शाम 5 बजे से ही डिनर के लिए लोग पहुंच रहे हैं और लगभग 8 बजे तक रेस्तरां खाली हो जाते हैं।
आइए, जानते हैं रात में भोजन जल्दी करने और देर रात तक जागने की आदत में बदलाव के सेहतमंद फायदों के बारे में। -जल्द डिनर से खाना पचने में आसानी। सही पाचन प्रक्रिया के कारण एसिडिटी जैसी समस्या नहीं। -सोने से तीन घंटे पहले खाना खाने से अपच की समस्या का दूर होना। इससे मोटापा तेजी से कम करने में मदद मिलती है। वजन का भी नियंत्रिण। -खाने का सही समय होने से सुबह का नाश्ता और लंच भी सही समय पर। -डिनर का वक्त होते होते तेज भूख और नींद भी बेहतर। -रात 8 बजे तक डिनर से हृदय मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार। -डायबिटीज का खतरा भी कम। -ब्लड प्रेशर के मरीजों को लंच और डिनर सही समय पर करना चाहिए। इससे रक्तचाप की समस्या पर लगाम लगती है। -समय पर सोने से नींद भी पूरी। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नींद का पूरा होना बहुत जरूरी। -अनिद्रा की शिकायत से तनाव व अवसाद भी। आंखों में जलन, सिर दर्द की समस्या दूर।



