आदर्श नगर टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पारसनाथ जिनालय में धर्मसभा में उपदेश दिया। उन्होंने भगवान की प्रतिमा को दर्पण के समान बताते हुए आत्मा की मलिनता दूर करने और संयम, आंतरिक लक्ष्मी प्राप्त करने का संदेश दिया। बालचंद नगर के मंदिर व छात्रावास को गिरवी रखने की निंदनीय घटना पर उन्होंने समाज को जागरूक किया। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट…
आदर्श नगर टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने धर्मसभा में उपदेश देते हुए कहा कि भगवान की प्रतिमा दर्पण के समान है। जैसे दर्पण में चेहरे की कमी दूर की जाती है, वैसे ही जिनालय में भगवान के दर्शन से आत्मा की मलिनता दूर होती है और केवलज्ञान रूपी आंतरिक लक्ष्मी प्राप्त होती है।
उन्होंने बताया कि बालचंद नगर में बालचंद जैन ने बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन और संस्कार के लिए जिनालय व छात्रावास बनाए। वर्तमान में उनके ट्रस्टियों द्वारा मंदिर गिरवी रखने की खबर पर आचार्य श्री ने गंभीर चेतावनी दी और समाज को जागरूक किया।
आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व आर्यिका श्री पद्मयश मति माताजी ने पूजन किया। 7 से 12 नवंबर तक होने वाले पंचकल्याणक पत्रिका विमोचन में आचार्य संघ सानिध्य में उपस्थित रहेंगे। आगामी 3 नवंबर को आचार्य संघ का पीछी परिवर्तन कार्यक्रम होगा।




