इंदौर। दिगंबर जैन समाज के दस लक्षण पर्व 16 सितंबर से प्रारंभ हो रहे हैं, उसके पूर्व सभी मंदिरों में प्रतिमा जी का मार्जन कार्य (विशेष प्रकार की सफाई) सोमवार को पूरा हुआ। दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद इंदौर के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल एवं प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि शहर भर के दिगंबर जैन मंदिरों में पर्वराज ' दसलक्षण के पूर्व मंदिरों की सफाई एवं प्रतिमा जी का मार्जन प्रतिवर्ष होता है। मंदिरों में कुछ मूर्तियां पाषाण की रहती है और कुछ अष्टधातु की।
इस तरह किया जाता है प्रतिमाओं का मार्जन
अष्टधातु की प्रतिमा का मार्जन लोंग के पाउडर में थोड़ा जल डालकर किया जाता है। इसी से उससे प्रतिमा जी को रगड़ा जाता है फिर साफ सूती हथकरघा के कपड़े से उसको साफ करते हैं। पाषाण की प्रतिमाओं के मार्जन के लिए रीठे को धोकर शुद्ध जल में उबाला जाता है फिर रीठे को धोकर सूती कपड़े की पोटली बनाकर उससे प्रतिमा जी को रगड़ा जाता है। प्रतिमा जी को मंजन से पहले बड़ी थालियों में विराजमान कर यह कार्य किया जाता है। इसके बाद शुद्ध जल से प्रतिमा जी को साफ किया जाता है। कुछ प्रतिमा जी को सूखने के बाद गोले (खोपरा) से रगड़ा जाता है। तत्पश्चात बेदी में कपूर का चूरा डाल दिया जाता है ताकि कोई भी जीव आदि ना आएं। केवल प्रतिमा जी के पीछे रखे हुए यंत्र को नींबू से एवं छत्र एवं भामंडल को पानी से साफ किया जाता है।
इनको मिला मार्जन करने का सौभाग्य
सोमवार को श्री महावीर जिनालय, संगम नगर में भी इस कार्य को करने का सौभाग्य मनोज जैन, सुबोध कासलीवाल, पारस जैन, सतीश जैन (इला बैंक), पीयूष चौधरी, कमलेश सिंघई, अभिषेक जैन, दिलीप जैन, सतीश जैन (ठेकेदार), अतिशय जैन, अभिषेक जैन वर्धमान जैन, पीयूष जैन आदि को प्राप्त हुआ।




