मुंगाना, प्रतापगढ़ | मुंगाना स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में शुक्रवार को एक अजीब घटना घटित हुई। भगवान आदिनाथ का अभिषेक करने के बाद जाप और अभिषेक करते हुए यहां के मूल निवासी पुण्यात्मा जीव महावीर जी पचोरी का देहावसान हो गया। उनकी उम्र 62 वर्ष थी और यह इस पुण्यात्मा को मिले संस्कारों का ही फल था, क्योंकि उनके पिताजी में भी आचार्य श्री सम्मति सागर जी समक्ष सामाधिमरण किया था।

 

महावीर जी के साथ ही नित्य पूजन अभिषेक करने वाले बाबूलाल जैन ने बताया कि और दिनों की तरह भगवान के अभिषेक करने के बाद हम लोग भगवान को विराजमान कर रहे थे और महावीर जी एक तरफ बैठ कर जाप और पाठ कर रहे थे। इसी बीच ना जाने कब उनकी कमर झुक गई और वो भगवान को बैठकर प्रणाम करने की मुद्रा में आ गए। कुछ देर तक तो हमारा भी उधर ध्यान नही गया। फिर अचानक किसी की नजर पड़ी कि ये तो बहुत देर से इसी मुद्रा में हैं। उन्हें उठाया तो उनकी गर्दन एक तरफ लुढ़क गई। हमने कुछ पंपिंग आदि करने की कोशिश भी की लेकिन वे प्राण त्याग चुके थे।

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बाबूलाल जैन ने बताया कि महावीर जी बहुत ही धर्म पारायण व्यक्ति थे। वे सात भाई है और यहीं मुंगाना के रहने वाले हैं। उनका अनाज का कारोबार है। उनकी धर्म के प्रति आस्था का ही परिणाम था कि मंदिर में भगवान के सामने जाप करते हुए उनके प्राण गए।