भिंड। बतासा बाजार स्थित ऋषभ सत्संग भवन में परम पूज्य गढ़ाचार्य विराग विशुद्ध सागर जी महामुनिराज की परम शिष्या आर्यिका जिज्ञासा श्री माताजी के 2026 के मंगल चातुर्मास का कलश स्थापना समारोह 9 अगस्त को भक्तिभाव और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर में विराजमान मुनि श्री विनय सागर जी महाराज का भी मंगल सान्निध्य प्राप्त हुआ।
भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत श्री आदिनाथ दिगंबर जैन चेत्यालय मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा से हुई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल ऋषभ सत्संग भवन पहुंची। इसके बाद गढ़ाचार्य विराग विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
आर्यिका जिज्ञासा माताजी का हुआ पाद प्रक्षालन
समारोह में आर्यिका जिज्ञासा श्री माताजी का पाद प्रक्षालन किया गया तथा शास्त्र भेंट किए गए। चातुर्मास कमेटी एवं श्रद्धालुओं ने माताजी के चरणों में श्रीफल अर्पित कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। बाहर से आए अनेक भक्तों ने भी समारोह में सहभागिता कर गुरु मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
प्रथम कलश मुंबई परिवार को मिला
मंगल कलश स्थापना में प्रथम कलश का सौभाग्य श्री मनोज जैन एवं सुशील जैन, मुंबई वालों को प्राप्त हुआ। द्वितीय कलश श्री राकेश जैन, छतरपुर तथा तृतीय कलश श्री विजय कुमार जैन, छतरपुर को प्राप्त हुआ। इसके अलावा अन्य श्रद्धालुओं ने भी विभिन्न कलश स्थापित कर धर्मलाभ अर्जित किया।
विभिन्न संगठनों की सहभागिता
कार्यक्रम में सकल जैन समाज के साथ सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न मंडलों की सक्रिय सहभागिता रही। श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला युवा महासभा, प्रज्ञ संघ, गुरुसेवा परिवार, मुनि भक्त परिवार, चंदा प्रभु महिला मंडल किला गेट, विराग विशुद्ध महिला मंडल सहित अन्य मंडलों के प्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
गुरु सान्निध्य से धर्ममय हुआ वातावरण
आर्यिका जिज्ञासा श्री माताजी के मंगल चातुर्मास की स्थापना से भिंड नगर में आगामी वर्षायोग के दौरान धर्म, स्वाध्याय, साधना एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का क्रम आगे बढ़ेगा। श्रद्धालुओं ने गुरु सान्निध्य का लाभ लेकर धर्माराधना और आत्मकल्याण की भावना व्यक्त की।



