अम्बाह। नगर में चातुर्मास कर रही परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी के पावन सान्निध्य में बुधवार को दिगंबर जैन सोशल ग्रुप महिला मंडल द्वारा धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नगर के प्रमुख बाजार से बैंड-बाजों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा से हुई।
भक्ति गीतों के साथ निकली शोभायात्रा
महिलाएं धार्मिक ध्वज, मंगल कलश और भक्ति गीतों के साथ जयघोष करती हुई जैन बगीची पहुंचीं। शोभायात्रा के दौरान पूरे मार्ग में धर्ममय वातावरण बना रहा। महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन को भक्ति और उत्साह से भर दिया।
जैन बगीची पहुंचने के बाद सभी महिलाओं ने एक घंटे तक सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप किया। इस दौरान विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि, आत्मकल्याण एवं समस्त जीवों के मंगल की कामना की गई।
णमोकार महामंत्र पंच परमेष्ठी के गुणों का वंदन
मंगल प्रवचन में आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी ने कहा कि णमोकार महामंत्र जैन धर्म का मूल महामंत्र है। यह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पंच परमेष्ठी के दिव्य गुणों का वंदन है।
उन्होंने कहा कि इस महामंत्र में आत्मा को निर्मल बनाने, विकारों को दूर करने और जीवन को सही दिशा देने की अद्भुत शक्ति है। श्रद्धा और नियमित साधना के साथ जाप करने से क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषाय क्षीण होते हैं तथा आत्मा में शांति, संयम और समता का विकास होता है।
संस्कारों से मजबूत होगा परिवार
माताजी ने कहा कि प्रत्येक माता का दायित्व है कि वह बच्चों को बचपन से ही सत्य, अहिंसा, करुणा, विनम्रता, अनुशासन और धर्म के संस्कार दे। परिवार संस्कारित होगा, तभी समाज और राष्ट्र भी मजबूत बनेगा।
उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है। श्रेष्ठ आचरण और सद्व्यवहार में धर्म की वास्तविक पहचान दिखाई देती है। प्रेम, क्षमा, दया और सेवा की भावना ही सच्ची आराधना है।
स्वाध्याय और सामायिक के लिए समय निकालें
आर्यिका श्री संगममति माताजी ने महिलाओं से परिवार में धार्मिक वातावरण बनाए रखने, बच्चों को अच्छे संस्कार देने तथा प्रतिदिन स्वाध्याय, सामायिक और णमोकार महामंत्र के जाप के लिए समय निकालने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मचिंतन, आत्मसंयम और धर्म साधना का विशेष अवसर है। प्रत्येक व्यक्ति को इस अवसर का लाभ लेते हुए अपने जीवन को धर्म और संस्कारों से जोड़ना चाहिए।
महिलाओं ने उत्साह से लिया भाग
कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती पूनम जैन, महामंत्री श्रीमती रश्मि जैन, कोषाध्यक्ष श्रीमती प्रीति जैन सहित श्रीमती रजनी जैन, श्रीमती नीलम जैन, श्रीमती दीपा जैन, श्रीमती नेहा जैन, श्रीमती रेखा जैन, श्रीमती ज्योति जैन, श्रीमती राधा जैन, श्रीमती संध्या जैन, श्रीमती रेनू जैन, श्रीमती अंजली जैन, श्रीमती कल्पना जैन, श्रीमती इंदिरा जैन एवं श्रीमती सोनू जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंगल आशीर्वाद लेकर लिया धर्मलाभ
आयोजन के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने आर्यिका श्री संगममति माताजी से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया और धर्मलाभ लिया। आयोजन ने महिलाओं को भक्ति के साथ संस्कार, आत्मचिंतन और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।



