आगरा। न्यू आदर्श नगर, बल्केश्वर स्थित नवनिर्मित एवं नवप्रतिष्ठित श्री सर्वतोभद्र जिनालय में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर दशलक्षण महापर्व का श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
अभिषेक, शांतिधारा एवं निर्वाण लाडू
टीकमगढ़ से पधारे पंडित अंकित जैन शास्त्री के निर्देशन में प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं विधि-विधानपूर्वक पूजन संपन्न हुआ। भगवान वासुपूज्य के निर्वाण कल्याणक के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से निर्वाण लाडू अर्पित किया।
धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान जिनालय परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा और वातावरण भक्ति से सराबोर रहा।
1008 दीपकों से हुई भगवान आदिनाथ की आरती
दशलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाम को 1008 दीपकों से भगवान आदिनाथ की संगीतमय मंगल आरती की गई। दीपों की अलौकिक रोशनी से जिनालय परिसर जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से जिनेंद्र भगवान की आराधना कर धर्मलाभ लिया।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
दीपक जैन के संयोजन में “एक शाम प्रभु आदिनाथ के नाम” भजन संध्या आयोजित हुई। आगरा के कलाकारों ने प्रभु आदिनाथ के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते नजर आए।
इस अवसर पर रजत जैन, पंकज जैन, राजीव जैन, गोल्डी जैन, राहुल जैन, यश जैन, नीरज जैन, सुरेश पाड़या, राजेंद्र जैन, समकित जैन, खुशबू जैन, बबिता जैन, ऊषा जैन, समीक्षा जैन, सीमा जैन सहित श्री सर्वतोभद्र जिनालय परिवार एवं बल्केश्वर जैन समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
एक नजर में
अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा हुई।
भगवान वासुपूज्य के निर्वाण कल्याणक पर निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
पंडित अंकित जैन शास्त्री के निर्देशन में अभिषेक एवं शांतिधारा हुई।
1008 दीपकों से भगवान आदिनाथ की संगीतमय मंगल आरती हुई।
“एक शाम प्रभु आदिनाथ के नाम” भजन संध्या ने भक्तिमय वातावरण बनाया।
श्रीफल साथी : शुभम जैन, आगरा




