इंदौर। हूमड़ जैन समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री हूमड़ युवा मंच द्वारा पर्युषण पर्व के उपलक्ष्य में सामूहिक तपोत्सव चल समारोह एवं तपाभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। आयोजन आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा आर्यिका श्री 105 सुदृढ़मति माताजी एवं आर्यिका सुलेखमति माताजी के पावन सान्निध्य में कंचनबाग स्थित बगीचा क्रमांक 3 में संपन्न हुआ।

तपस्या का उद्देश्य आत्मशुद्धि

आर्यिका सुदृढ़मति माताजी ने कहा कि तपस्या भेद-विज्ञान के साथ होती है और उसका उद्देश्य आत्मा की शुद्धि है। सांसारिक भोगों की प्राप्ति के लिए की जाने वाली तपस्या तामसिक तप की श्रेणी में आती है, जबकि गुरु आज्ञा एवं गुरु के आशीर्वाद से की गई तपस्या सात्विक मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि तपस्या संकल्पशक्ति को बढ़ाने और जीवन की आंतरिक शक्ति को जागृत करने का माध्यम है। माताजी ने आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज की तप-साधना का स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धाभाव व्यक्त किया।

आचार्य सुनीलसागर के सान्निध्य का लाभ लेने का आह्वान

माताजी ने कहा कि आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज का इंदौर में प्रथम आगमन हूमड़ जैन समाज के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर है। राजस्थान और गुजरात में हूमड़ समाज के मध्य गुरुदेव का प्रवास रहा है। उन्होंने समाजजनों से गुरुदेव के सान्निध्य का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

निकला सामूहिक तपोत्सव चल समारोह

सामूहिक तपोत्सव चल समारोह में तपस्वियों को कारों में विराजमान कर समवशरण मंदिर ले जाया गया, जहां भगवान के समक्ष पूजन एवं भक्ति की गई। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पहुंचकर तपाभिनंदन समारोह का शुभारंभ हुआ।

मंगलाचरण त्रिशला मादावत ने किया। दीप प्रज्वलन हसमुख गांधी, अरविंद बंडी एवं समाज के वरिष्ठजनों ने किया। संचालन अनिमेष बक्षी ने किया।

तपस्वियों और प्रथम उपवास करने वाले बच्चों का सम्मान

समारोह में पांच, आठ, दस, सोलह एवं बत्तीस उपवास की साधना करने वाले हूमड़ समाज के तपस्वियों का सम्मान कर तप की अनुमोदना की गई। साथ ही 12 वर्ष तक के उन बालक-बालिकाओं को भी पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने इस वर्ष प्रथम उपवास किया।

सम्मानित तपस्वियों में कल्पना करणमल सालगिया, आयुष जय तलाटी, अतिशय चौकलिया, हितेश महिपाल पाणोत, चयन अश्विन बोबड़ा, सुशील सरैया, आभा सुनील सरैया, प्रीतेश अनिलकुमार दोषी, प्रभा पाणोत, शिखा पारस बंडी, ज्योति महिपाल बागड़िया, परी देवेंद्र सालगिया, राजकुमारी बंडी, शुभम बंडी, आर्या अमित दोषी, विनय संतोष पाटरिया, प्रतीक पारस बोबड़ा, जॉली प्रतीक बोबड़ा, तत्त्व मनोज झगड़ावत, मुकेश चापावत, कविता सरैया, दिव्या अवनीश कराड़िया, नितेश बेड़ा एवं धर्मिष्ठा बेड़ा शामिल रहे।

प्रथम उपवास करने वाले बच्चों में वचन विनय भाणेज, व्योम अनुपम बक्षी, आरवी अंकित चौकलिया, कोविड विशाल गांधी, मिशा मनीष मेहता, दिव्यम सुकुम विशाल पीठवा, दिव्य प्रदीप पाल्विया, सौमिक सर्वेश दोषी, युवान अंकित बंडी, चार्विक-चारित्रिक झगड़ावत, धरा हर्षल पाणोत एवं दिया शाह को सम्मानित किया गया।

समाजजन रहे उपस्थित

इस अवसर पर अध्यक्ष अरविंद बंडी, मंत्री संजीव तलाटी, समन्वयक निखिल हूमड़, कार्यक्रम निर्देशक हिमांकी मादावत एवं तत्त्व झगड़ावत, कार्यक्रम प्रभारी दीपक मिंडा एवं पूनम पाणोत, श्री हूमड़ युवा मंच अध्यक्ष अनुपम बक्षी, सचिव विनय भाणेज तथा समाजश्रेष्ठी हसमुख गांधी उपस्थित रहे।

एक नजर में

हूमड़ जैन समाज ने सामूहिक तपोत्सव चल समारोह निकाला।

समवशरण मंदिर में पूजन-भक्ति के बाद तपाभिनंदन समारोह हुआ।

आर्यिका सुदृढ़मति माताजी ने सात्विक तपस्या का संदेश दिया।

विभिन्न उपवास साधना करने वाले तपस्वियों का सम्मान किया गया।

प्रथम उपवास करने वाले 12 वर्ष तक के बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया।

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