आगरा। चांदी वाली कोठी, मोतीलाल नेहरू रोड स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के नौवें दिन गुरुवार को उत्तम आकिंचन्य धर्म की श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। प्रातः श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक, पूजन एवं आराधना कर धर्मलाभ अर्जित किया।

मोह-ममता से मुक्त होने का संदेश

पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने उत्तम आकिंचन्य धर्म के भावों को आत्मसात करते हुए मोह-ममता और परिग्रह से दूर रहने का संकल्प लिया। इस धर्म का संदेश बाहरी वस्तुओं के प्रति आसक्ति कम कर आत्मा के वास्तविक स्वरूप की ओर बढ़ना है।

परिग्रह और ममता का त्याग कर आत्मिक शुद्धि की दिशा में आगे बढ़ना ही आकिंचन्य धर्म की वास्तविक साधना है।

भक्ति गीतों से गूंजा मंदिर

भक्ति गीतों और सामूहिक आराधना से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने धार्मिक भजनों का गायन कर भगवान की भक्ति की।

अनंत चतुर्दशी पर निर्वाण लाडू महोत्सव

मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की जाएगी। भगवान वासुपूज्य के निर्वाण लाडू महोत्सव का आयोजन भी होगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान के समक्ष निर्वाण लाडू अर्पित कर धर्मलाभ अर्जित करेंगे।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राकेश जैन, विजय जैन, अमित सेठी, वीरेंद्र मोठ्या, विभोर मोठ्या, कमल गोधा, सुशील जैन, मनोज जैन, नीता जैन, सरिता जैन, के.सी. जैन एवं मिथिलेश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीफल साथी : शुभम जैन, आगरा