दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने आखातीज पर्व प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के प्रथम आहार दिवस के रूप में मनाया। प्रातः पार्श्वनाथ जिनालय में बच्चों ने श्रीजी का जलाभिषेक किया। डडूका से पढ़िए, अजीत कोठिया डडूका की रिपोर्ट डडूका। दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने आखातीज पर्व प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के प्रथम आहार दिवस के रूप में मनाया। प्रातः पार्श्वनाथ जिनालय में बच्चों ने श्रीजी का जलाभिषेक किया।
बाद में समुच्चय पूजा पढ़ी और आदिनाथ भगवान की पंचकल्याणक युक्त पूजा और जयमाला पढ़ी। बच्चों को बताया गया कि भगवान आदिनाथ को 6 माह तक तक पडगाहन विधि न मिलने के कारण किस तरह आहार नहीं मिला और किस तरह राजा श्रेयांस ने उन्हें प्रथम बार इक्षुरस का आहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। रात्रि में जिनालय में आयोजित भक्तामर दीप महाअर्चना में सभी बच्चों ने भी समाजजनों के साथ हिस्सा लिया।
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आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के रचित वस्तुत्व महाकाव्य पर पीएचडी करने वाली विदुषी डॉ ममता खासगीवाला ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिल्ली में अपना शोध ग्रंथ आचार्यश्री को समर्पित किया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।