एमबीबीएस का पूरा कोर्स अंग्रेजी में होने के कारण वह मेडिकल की बारीकियों को ठीक से नहीं समझ पाते थे। अब हिंदी में कोर्स संचालित होने के बाद छात्रों की यह समस्या दूर हो सकेगी। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की तीन पुस्तकें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायो केमिस्ट्री हिंदी में तैयार हैं। इसमें मेडिकल की सारी शब्दावली को हिंदी में रखा गया है।
आचार्य विद्यसागर जी है विशेष योगदान आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में करवाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। समय-समय पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राष्ट्रपित, प्रधानमंत्री उनसे मिलने आते रहे हैं। आचार्य श्री ने हमेशा उनसे हिंदी में डॉक्टरी की पढ़ाई शुरू करने के बारे में कहा था। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आचार्य श्री से समय-समय पर मिलने आते रहते हैं। इसी प्रेरणा से मध्यप्रदेश हिंदी में एमबीबीएस पढ़ाई शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है।
सराहनीय प्रयास आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी भाषा में होने जा रही है, जो बेहद सराहनीय है। हमें अपनी मातृभाषा पर जोर देना चाहिए। वास्तविकता में इंसान अपनी मातृभाषा में ही चिंतन मनन कर सकता है।




