सलेहा की धरा पर सजेगा दुर्लभ आध्यात्मिक संगम : शिष्य का संयुक्त मंगल प्रवेश होगा

नगर सोमवार को एक ऐसे दिव्य दृश्य का साक्षी बनेगा, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की आँखें वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थीं। प्रातः 8 बजे आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में गुरु–शिष्य का संयुक्त मंगल प्रवेश होगा। सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल की यह खबर...
सलेहा। नगर कल एक ऐसे दिव्य दृश्य का साक्षी बनेगा, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की आँखें वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थीं। सोमवार को प्रातः 8 बजे आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में गुरु–शिष्य का संयुक्त मंगल प्रवेश होगा। साथ ही गुरु भाई और शिष्य का भावपूर्ण मंगल मिलन भी इसी शुभ घड़ी में होगा। नगर की गलियां धर्मध्वजा से सुसज्जित हैं। हर हृदय में उत्साह और श्रद्धा का सागर उमड़ रहा है। ऐसा प्रतीत होता है, मानो स्वयं धर्म ने सलेहा की पावन भूमि पर अपने चरण रखने का संकल्प लिया हो। गुरु और शिष्य का यह मिलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि त्याग, तप, संयम और परंपरा की जीवंत झलक है। यह ऐतिहासिक क्षण सलेहा ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण देश के लिए गौरव का विषय बनेगा। सोमवार को यह प्रभात सलेहा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने जा रहा है।
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
रामगंजमंडी के गुरु भक्त मंडल ने इंदौर में पेश की सेवा-समर्पण की मिसाल : अनुमोदना श्रावक संस्कार शिविर में शुद्धता और अनुशासन से संभाली भोजन व्यवस्था, मनीष-सपना गोधा ने की
इंदौर में मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित श्रावक संस्कार शिविर में रामगंजमंडी का गुरु भक्त मंडल शिविरार्थियों की सेवा में जुटा है। सेवा दल शुद्धता, धार्मिक मर्यादा और अनुशासन के साथ भोजन व्यवस्था संभाल रहा है। मनीष-सपना गोधा ने सेवा की अनुमोदना की। पढ़िए श्रीफल साथी अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 20-09-2026, 10:04 pm
छह निर्जल व्रत की साधना के बाद विश्वगुप्त 'प्रेम' चौगुले ने पारणा की: आचार्य चंद्रप्रभ सागर महाराज के सान्निध्य में तप पूर्ण, दशलक्षण में मन-वचन-कर्म की शुद्धि का संदेश
कुंभोज के विश्वगुप्त ‘प्रेम’ चंद्रगुप्त चौगुले ने दशलक्षण महापर्व के दौरान छह निर्जल उपवास की तप-साधना की। आचार्य चंद्रप्रभ सागर महाराज के सान्निध्य में उन्होंने पारणा किया। वे त्यागी सेवा, आहारदान, वैयावृत्ति और धार्मिक क्रियाओं में सक्रिय रहते हैं। पढ़िए श्रीफल साथी अभिषेक अशोक पाटील की यह रिपोर्ट।
कुंभोज (महाराष्ट्र) • अभिषेक अशोक पाटील • 20-09-2026, 10:03 pm



