इंदौर। चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ने रविवार को अपने प्रवचन में कहा कि नए-नए तीर्थ मंदिर बने इनकी भी जरूरत है किंतु हमें हमारे पुराने तीर्थो-मंदिरों का भी ख्याल रखना होगा। चातुर्मास में एकत्रित राशि का चौथाई भाग तीर्थ रक्षा हेतु सुरक्षित रखना होगा। गिरनार जी के संदर्भ में आपने कहा कि भगवान हमारे, मूर्तियां हमारी, चरण हमारे भगवानों के हैं और अधिकार जताने वाले कोई और है। आज आवश्यकता है निकलंक जैसे धर्म के लिए प्राण न्योछावर करने वालों की तीर्थ की रक्षा करने के लिए बहुत बड़ा जमीर चाहिए।
गिरनार हमारा था और आगे भी रहेगा
उन्होंने कहा कि गिरनार जी में पांचवी टोंक पर जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान की मूर्ति है जहां उसे रंग पोत कर इतिहास बदलने की कोशिश की जा रही है। पुरातत्व विभाग चुप है। गुरुदेव ने कहा कि आज किसी और का दौर है कल किसी और का रहेगा, गिरनार हमारा था और आगे भी हमारे ही हाथों में आएगा। गुरुदेव ने कहा कि तीर्थ और जैन धर्म बना रहेगा तो हजारों - हजार लोगों का उद्धार होगा।
इनको मिला सौभाग्य
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में मंगलाचरण नृत्य समवशरण महिला मंडल ने किया। दीप प्रज्वलन व चित्र अनावरण अतिथियों द्वारा किया गया। गुरुदेव का पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य सुनील- कल्पना जैन परिवार और शास्त्र जी भेंट करने का सौभाग्य जेएमबी परिवार, श्री राम कॉलोनी को प्राप्त हुआ। चातुर्मास स्थापना के कलश मनीष- सपना गोधा, आनंद- नवीन गोधा एवं सुधीर बिलाला परिवार को कमेटी द्वारा दिए गए। कार्यक्रम के आयोजक हैं श्री इंद्र कुमार वीणा जी सेठी परिवार।
यह उपस्थिति रहे
उगरियावाश से पधारे सुरेंद्र बड़जात्या का कमेटी द्वारा विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर सौरभ पाटोदी , सुरेंद्र बाकलीवाल, हंसमुख गांधी, विमल झांझरी, सुयश बाकलीवाल, प्रवीण पाटनी, राजेश बज, महालक्ष्मी चैनल के शरद जैन सहित बहुत अधिक संख्या में समाज जन उपस्थित थे। धर्म सभा का संचालन सुदृढ मति माताजी एवं कैलाश लुहाड़िया ने किया एवं आभार डॉ.गिरीश पाटोदी ने माना।



