नौगामा, जिला बांसवाड़ा। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर्व एवं भगवान श्रेयांशनाथ के मोक्ष कल्याण के उपलक्ष में 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, भगवान महावीर समवशरण मंदिर एवं नसियाजी में विभिन्न धार्मिक आयोजन भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए।
विशेष शांति धारा एवं अभिषेक
इस अवसर पर भगवान की विशेष शांति धारा एवं अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पंचोली गीतांश, विपुल, कृतिका, सुमित गांधी, सुभाली एवं विमल पंचोरी को प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान की आराधना की।
भगवान श्रेयांशनाथ को निर्वाण लाडू
भगवान श्रेयांशनाथ के मोक्ष कल्याण के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भक्तिभाव से भगवान को निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। निर्वाण लाडू चढ़ाने का प्रथम सौभाग्य आदर्श, सुभाष चंद्र, महिला मंडल एवं दिनेश कांतिलाल गांधी को प्राप्त हुआ।
महिला मंडल ने की विशेष पूजन
कार्यक्रम के दौरान मंदिरजी में महिला मंडल द्वारा रक्षाबंधन एवं भगवान श्रेयांशनाथ की विशेष पूजन की गई। धर्मप्रेमी बंधुओं ने मंदिरजी में दान राशि भेंट कर रक्षा सूत्र प्राप्त किए और धर्म एवं संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया।
700 मुनिराजों की रक्षा की स्मृति
वीणा दीदी ने रक्षाबंधन पर्व के धार्मिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य अकंपन सहित 700 मुनिराजों पर आए उपसर्ग का निवारण हुआ था और मुनिराजों की रक्षा हुई थी। इसी पावन प्रसंग की स्मृति में रक्षाबंधन पर्व को भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है।
48 दीप विधान एवं भक्ति संगीत
शाम को मंदिरजी में 48 दीप विधान के अंतर्गत 48 दीप प्रज्वलित किए गए। इसके साथ ही भक्ति संगीत का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समाज की सामूहिक सहभागिता
पूरे आयोजन में जैन समाज के धर्मप्रेमी बंधुओं एवं महिला मंडल की सक्रिय सहभागिता रही। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से रक्षाबंधन पर्व, भगवान श्रेयांशनाथ के मोक्ष कल्याण और श्रमण संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया गया।



