मंदिर छोटा या बड़ा नहीं, भाव बड़ा होना चाहिए : भेद ज्ञान को जागृत करना ही मुक्ति का मार्ग, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दिए महत्वपूर्ण सूत्र
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का यहां के विभिन्न मंदिरों उपनगरों में प्रवास चल रहा है। श्री पार्श्वनाथ जिनालय निर्माण नगर में प्रवेश के अवसर पर हुई धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने उपदेश में बताया कि श्री पार्श्वनाथ भगवान ने 10 भवों, जन्मों में कितने उपसर्गों को सम
इंदौर • Shree Phal News • 26-04-2026, 12:02 am





















