मेरी मां ममता, संस्कार और मोक्षमार्ग की जीवंत प्रतिमा : मां के निर्मल स्वरूप पर काव्यात्मक अभिव्यक्ति
इस दुनिया में मां का दर्जा भगवान से भी ऊपर बताया गया है। मां गुरु भी है। मां पाठशाला भी और मां के अंतर्मन में समस्त शास्त्र समाए हुए हैं। इस भावना को काव्यात्मक अंदाज में पेश किया है डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चंदेरी’ ने, आप भी पढ़िए... मेरी माँ केवल मुझे जन्म देने वाली स्त्री नहीं
इंदौर • Shree Phal News • 08-05-2026, 11:00 pm




















