श्रावक-श्राविकाओं को प्रतिदिन छह आवश्यक कर्म करना जरूरी : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने श्रावक के षट् आवश्यक कर्त्तव्य का किया विवेचन
गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चंद्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 36 साधु सहित ग्रीष्म कालीन वाचना कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को श्रावक के षट् आवश्यक कर्त्तव्य में श्रावक की परिभाषा का विवेचन किया। जयपुर से पढ़िए, डॉ. राजेश पंचोलिया की खबर..
इंदौर • Shree Phal News • 03-06-2026, 12:29 am





















