साइंस ऑफ लिविंग में प्रवचन : अर्थ ,काम और धर्म यह तीनों पुरुषार्थ ही त्रिवर्ग कहलाते हैं - मुनि श्री निरंजन सागर
जिसने जीवन की वास्तविकता को समझ लिया है, उसने जीवन की सात्विकता को पा लिया है। यह बात मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने साइंस ऑफ लिविंग में कही। पढ़िये जयकुमार जैन जलज हटा/राजेश रागी बकस्वाहा की रिपोर्ट... कुण्डलपुर। साइंस ऑफ लिविंग के सत्र में हम हर दिन एक अनोखा प्रयास करते हैं
इंदौर • Shreephal Jain News • 11-03-2023, 06:28 pm
























