इंद्रिय जनित विषय भोगों की आकांक्षा दुःख का कारण है और परिणामों की अत्यंत निर्मलता ही धर्म है : आर्यिका विभा श्री ने प्रवचन में कहा
गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में प्रवचन के दौरान कहा कि इंद्रिय जनित विषय भोगों की आकांक्षा दुःख का कारण है और परिणामों की अत्यंत निर्मलता ही धर्म है। पढ़िए राकेश कासलीवाल की रिपोर्ट... रांची । गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने वासुपूज्य जिनालय के प
इंदौर • Shreephal Jain News • 13-07-2023, 05:48 pm
























