आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का चार्तुमासिक प्रवचन : मोबाइल की लत से बच्चों को बचाइए. केवल भारत भूमि में ही धर्म, धर्मात्मा और तीर्थंकरों का जन्म हुआ
आप लोग रात में स्वप्न देखते हैं जैसा उद्देश्य होता है। उसी के अनुसार सामने दृश्य आ जाता है और जब जागते हैं तो सामने का दृश्य देखना नहीं चाहते फिर हम अपनी आंखों से ना देखकर के आंखों को बंद कर लेते हैं तब चिंतन की धारा होती है। पढ़िए राजीव सिंघाई ,डॉ सुनील जैन संचय की रिपोर्ट... डो
इंदौर • Shreephal Jain News • 17-07-2023, 06:07 pm





















