आर्यिका विभाश्री माताजी ने वाणी संयम के बारे में बताया : अपनी वाणी से हित-मित-प्रिय वचन बोलना चाहिए
गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि अपने शौक के लिये किसी को शोक में नहीं डालना चाहिए। हम अपने शौक के लिए जीव जन्तुओं की हिंसा करते हैं । हम लिपस्टिक, शैम्पू लगाते हैं, चमड़े के बेल्ट लगाते हैं ये सब हिंसक चीजे हैं । खरगोश के बच्चों को मारकर उसकी चर्बी से शैम्प
इंदौर • Shreephal Jain News • 27-07-2023, 06:53 pm



























