आचार्य श्री का जीवन ही उनका दर्शन था : विद्यासागर सिर्फ उनका नाम नहीं था यह उनका जीवन था
श्रमण परम्परा के सूर्य, सतत संयम तप पूर्वक आत्मा में रमने वाले और चंद्रगिरी तीर्थ पर समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी को हमारा कोटिशः नमोस्तु । आचार्य श्री के जीवन पर नई दिल्ली के श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत( केंद्रीय) विश्वविद्यालय के जैन दर्शन विभाग,दर्श
इंदौर • Shreephal Jain News • 19-02-2024, 04:30 am





















