की गई अभिषेक एवं शांतिधारा : काय का उपयोग करें साधुओं की वैयावृत्ति में- मुनि पूज्य सागर
दिगम्बर जैन मंदिर क्लर्क कॉलोनी में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने बताया कि मुनिश्री ने इस अवसर पर कहा कि मन, वचन, काय तीनों योग से कर्मों का आस्त्रव होता है। हमारी शरीर में जो बीमारी है, वह काय
इंदौर • Shreephal Jain News • 25-04-2024, 06:39 pm





















