गुरु तो सदा मन में है और रहेंगे –मुनि श्री विराटसागर जी महाराज धर्म का संचालन होता है अनुशासन से
प्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में मुनि श्री विराट सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि संपूर्ण प्रकृति का अगर कोई मूल तत्व है जिससे संपूर्ण प्रकृति संचालित होती तो वह तत्व प्रेम और वात्सल्य है। सब कुछ है मानव श्रृंखला के पास, मानव-मानव से कभी अटैच नहीं हो पाएगा तो उसका
इंदौर • Shreephal Jain News • 02-05-2024, 05:03 pm
























