उत्तम संयम धर्म पर दिए प्रवचन : गाली को मंत्र बना देने की ताकत का नाम है उत्तम संयमधर्म : निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज
सत्य को भीड़ की जरूरत नहीं रहती सत्य अकेला ही रहता है। दूसरे को कठपुतली मत बनाना दूसरे को अंड़र में मत रखना, बस इतना सा नियम और ले ले तो सत्य के बाद संयम पर कलशारोहण हो जाएगा, वही सत्य-सत्यधर्म बन जायेगा। लोग कहते हैं कि ऐसा नियम बताओ कि मुझे किसी की नौकरी न करना पड़े, हो जाएगा तु
इंदौर • Shreephal Jain News • 14-09-2024, 11:52 pm





















