महाव्रती संतश्री यशोधरजी ने पांच व्रतों को जीवन में उतार दिया : भगवान नेमिनाथ का गीतों में किया गान, राजस्थान की धरती को बनाया महान
जगत के कल्याण के लिए, जैन धर्म की प्रभावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राजस्थान के जैन संतों ने अपने प्रवचनों से तो जन जागरण किया ही अपनी प्रखर लेखनी से भी लोगों को अमूल्य निधि भेंट की है। कई संतों ने विविध रसों और छंदों में अपनी बात कही है। कहीं चौपाइयों के माध्यम से तो कहीं गीत
इंदौर • Shreephal Jain News • 04-03-2025, 11:30 am





















