संत श्री हर्ष कीर्ति की सभी कृतियां राजस्थानी में: ये कविवर बनारसीदास के रहे समकालीन
राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व एवं कृतित्व के अंतर्गत राजस्थान के जैन संतों द्वारा लिखित हिन्दी साहित्य की खूब चर्चा होती है। इनकी रचनाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। जितनी उस काल में रहीं, जब इनको लिखा गया। हिन्दी के साथ-साथ राजस्थानी भाषा को भी इन विद्वान संतों ने खूब पोषित किय
इंदौर • Shreephal Jain News • 09-04-2025, 11:30 am





















