सुमतिधाम में पट्टाचार्य महोत्सव का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक क्षण के साक्षी विधि: अभ्यास और गुरु को कभी नहीं छोड़ना चाहिए- पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज
अक्षय तृतीया के विशेष अबुझ मुहूर्त में 12 आचार्यों ने हाथ थाम जैसे ही विशुद्ध सागरजी महाराज को पट्टाचार्य सिंहासन पर विराजित कराया तो पूरा पंडाल शंखनाध, नगाड़े, घंटे, ढोल, मंजीरे और लाखों श्रद्धालुओं की तालियों की गडगड़ाहट से देशना मंडप गूंजायमान हो उठा। पढ़िए संपादक रेखा संजय जैन
इंदौर • Shreephal Jain News • 01-05-2025, 01:10 am





















