बरबस नयनों में नीर भर देती याद कराती बचपन के वो हसीन पल : रक्षाबंधन पर भावपूर्ण कविता में समर्पण और प्रेम का सुंदर संदेश
रक्षाबंधन भाई-बहन के असीम प्रेम और समर्पण के साथ संकल्प का त्योहार है। भाई-बहन अलग-अलग कैसे हो सकते हैं क्योंकि दो शरीर और आत्मा एक सी है। जीवन पर्यन्त यह रिश्ता बना रहता है। लाख संकट भी रिश्ते न तोड़ सकता है। इन्हीं भावानओं के साथ पढ़िए, डडूका से अजीत कोठिया की यह भावपूर्ण कविता..
इंदौर • Shreephal Jain News • 10-08-2025, 07:48 pm


























