क्षमा उनसे मांगो जिनसे तुम्हारी शत्रुता है : मुनि श्री प्रमाण सागर ने बताया उत्तम क्षमा का महत्व
मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने सभी शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी तप के साथ जब अंतरंग के परिणामों में निर्मलता आती है तभी तप की सार्थकता होती है। आज का दिन आत्म समीक्षा का दिन है। भोपाल से पढ़िए, यह खबर... भोपाल। 32 उपवास करने वाले अजमेर (राजस्थान )से आए 65 वर्ष
इंदौर • Shreephal Jain News • 08-09-2025, 03:29 am





















