✍️ आलेख

आलेख

समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

संस्कृति और सभ्यता के सूत्रधार तीर्थंकर ऋषभदेव

ऋषभदेव निर्वाणोत्सव, 31 जनवरी के अवसर पर प्रासंगिक आलेख: @ डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर (लेखक आध्यात्मिक चिंतक और स्तम्भकार हैं) भगवान ऋषभदेव जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। उनका जन्म चैत्र कृष्ण नवमी को अयोध्या के महाराजा नाभिराय तथा माता मरुदेवी के यहां हुआ था। माघ कृष्ण चतुर्दशी

ऋषभदेव संपादक 31-01-2022, 01:33 am

निर्माण से निर्वाण तक निर्णायक हैं तीर्थंकर ऋषभदेव की शिक्षाएं

जैनधर्म के प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव के निर्वाणोत्सव, 31 जनवरी, 2022 के अवसर पर प्रासंगिक आलेख लेखक -डॉ0 सुनील जैन, संचय (जैन दर्शन के अध्येता, आध्यात्मिक चिंतक) अहिंसा, तप, त्याग, अपरिग्रह और क्षमा जैसे गुणों की अमूल्य धरोहर देकर जैन धर्म ने विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त किया है। जैन

इंदौर संपादक 29-01-2022, 02:10 am

भगवान आदिनाथ द्वारा बताई गई 72 कलाएं

भगवान आदिनाथ ने छह विद्याओं के साथ ही मानव (पुरुष) जाति को 72 कलाओं का ज्ञान भी दिया था। आइए जानते हैं इन कलाओं के बारे में- प्रस्तुति-अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज लेख कला सुंदर-सुस्पष्ट लिपि लिखना एवं अपने भावों, विचारों की सम्यक अभिव्यंजना । रूप कला चित्र, धूलि चित्र, सदृश

इंदौर संपादक 28-01-2022, 05:30 am

काशी में जन्में तीर्थंकर चंद्रप्रभु व पार्श्वनाथ भगवान की शिक्षाओं की प्रासंगिकता

तीर्थंकर चंद्रप्रभ व पार्श्वनाथ की जयंती 30 दिसम्बर 2021 पर विशेष -डाॅ. सुनील जैन ‘संचय’ सर्वधर्म सदभाव की नगरी है काशी। विभिन्न धर्मों के धार्मिक सरोकार से जुड़ी इस पावन नगरी की इन दिनों चर्चा चहुँओर है। देश के प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ कॉरिडॉर सहित अनेक सौगातें काशी को हाल ह

इंदौर Shreephal Jain News 28-12-2021, 11:33 am

जैन ग्रन्थ

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ग्रंथ शब्द के कई अर्थ हैं, पर यहां ग्रंथ का अर्थ है गणधर के द्वारा रचा गया द्रव्यश्रुत अर्थात् जिसमें जैन ग्रंथ के सिद्धांतों और उसके इतिहास का वर्णन हो,उसे जैन ग्रन्थ कहते हैं। ग्रंथ को चार अनुयोग (भाग) में विभाजित किया गया है। वर्तमान (अवसर्पिणी

इंदौर संपादक 19-12-2021, 02:28 am

आइए, जानें दीपावली के गूढ़ धार्मिक अर्थ को - गणिनी आर्यिका स्याद्वादमति माता जी

हर बार की तरह हम सब दीपावली मनाएंगे । महावीर निर्वाणोत्सव पर लडू भी चढ़ा करेंगे, लक्ष्मी पूजन भी धनतेरस पर बर्तन भी खरीदेंगे और रूप चौदस पर रंग-रूप भी निखारेंगे। प्रतिदिन दीप जलाएंगे पर क्या वास्तव में दीपावली बस यही सब करने के लिए आती है? जवाब होगा नहीं। दीपावली तो इससे कहीं अधिक

इंदौर संपादक 03-11-2021, 03:27 am

वास्तु सलाहः पढ़ाई में बच्चे की सफलता की गारंटी - तृष्टि जैन

शिक्षा का जीवन में बहुत अधिक महत्व है। शास्त्रों में लिखा है-साहित्य, कला से विहीन मनुष्य पशु के समान होता है। शिक्षा व्यक्ति के सम्पूर्ण चरित्र का निर्माण करती है, इसलिए हर अभिवावक अपने बच्चे की शिक्षा पर विशेष बल देता है। रुचिकर तथ्य यह है कि वास्तु सलाहकारों का दावा है कि छात्

इंदौर संपादक 26-10-2021, 08:50 pm

धार्मिक अनुशासन के साथ पढ़ाई सर्वोत्कृष्ट – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

इस आलेख में, जो कुछ मैं आपको बताने जा रहा हं, मेरे अपने अनुभव हैं। मन के अंतरंग उद्गार हैॆ। जब मैंने धर्म, ध्यान साधना के मार्ग पर कदम नहीं बढ़ाए थे और लौकिक पढ़ाई कर रहा था, तब मुझे ज्यादातर चीजें स्मरण ही नहीं रहती थीं। जैसे- तैसे पास होने लायक नम्बर ही परीक्षा में ले आ पाता था

इंदौर संपादक 25-10-2021, 08:16 am

स्मार्टफोन का उचित उपयोग – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

संसार में कोई भी वस्तु खराब नहीं होती। खराब होती है तो उसका उपयोग करने वाले कैसे लोग हैं। कहां, कब, क्या उपयोग करना चाहिए, इसका ज्ञान आवश्यक है। वास्तव में देखा जाए तो प्राकृतिक साधन, वस्तु का उपयोग करने में कोई हानि नहीं, पर जो मानव द्वारा बनाई गई हैं, उससे लाभ और हानि दोनों ही

इंदौर संपादक 24-10-2021, 08:37 pm

होम्बुज में हर्षोल्लास से मनाया जाता है नवरात्र पर्व : - अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

धार्मिक संस्कृति से ओत-प्रोत भारत संसार का ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के पर्व और त्यौंहार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सभी धर्मों के त्यौंहार और पर्व यहां बड़े उल्लास, उमंग और श्रद्धा से मनाए जाते हैं। नवरात्रि जैसा त्यौंहार तो सभी को आन्तरिक शक्ति से परिपूर्ण कर देता है। इस लेख मे

इंदौर संपादक 08-10-2021, 03:26 am

पर्युषण पर्वः आत्मचिंतन, आत्मशोधन का पर्व – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

पर्युषण पर्व जैन समाज में सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसका शाब्दिक अर्थ है- परि+उषण, परि यानी चारों तरफ से और उष्ण का मतलब बुरे कर्मों/विचारों का नाश करना है। इस त्योहार की मुख्य बातें भगवान महावीर स्वामी के मूल पांच सिद्धांतों पर आधारित हैं। अहिंसा यानी किसी को कष्ट ना पहुंचाना, सत

इंदौर संपादक 10-09-2021, 12:40 pm

श्रुतपंचमी पर्व - आर्यिका श्री प्रशांतमति माता जी

श्रुतपंचमी पर्व शास्त्र-जिनवाणी का पर्व है। वर्ष में शास्त्र का यह एक मात्र पर्व आता है। आज के दिन सैकड़ों वर्ष पूर्व जिनवाणी का लेखन कार्य समाप्त हुआ था। इस पंचम काल में साक्षात् तीर्थंकर भगवान विद्यमान नहीं हैं, इसलिए उनकी दिव्यवाणी ही हम सबकी परम हितकारी है। हमारे तीर्थंकरों न

इंदौर संपादक 16-06-2021, 02:24 am

श्रुत पंचमी- उद्भव एवं महत्व" -ब्र. डॉ सविता जैन

अनादिनिधन जैन धर्म में भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर पर्यंत श्रुत परंपरा श्रोत्र रूप में निर्बाध रूप से सतत प्रवाह मान होती रही है। भगवान महावीर के निर्वाण के पश्चात तीन अनुबद्ध केवली व पांच श्रुतकेवलियो के संपूर्ण वांग्मय प्रवाह मान रही किंतु अंतिम श्रुत केवली भद्रबाहु स्वाम

इंदौर संपादक 15-06-2021, 05:48 pm

जल, जंगल, जमीन हमारी अमूल्य धरोहर, इनको बचाना हमारा दायित्व

बकस्वाहा का जंगल बुंदेलखंड के फेफड़े हैं ललितपुर । वर्चुअल राष्ट्रीय बेबीनार में जस्टिस, समाजसेवी, पर्यावरणविद, आईएएस, पत्रकार, एडवोकेट और पर्यावरण प्रेमियों ने किया संवाद ललितपुर। पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण और हमारा दायित्व तथा बकस्वाहा का जंगल एवं हमारे दायित्व विषय पर प्रभावना

इंदौर संपादक 06-06-2021, 05:54 am

भोजन में शुद्धता का जैनाचार - सीए आदीश कु जैन

आज कोरोना के चलते खान पान और शुद्धता की चर्चा जोरों पर है। अच्छे स्वास्थ और बीमारियों से बचने के लिए वनस्पति आधारित और शाकाहारी भोजन का महत्व सारा विश्व समझ रहा है, और कुछ जाने माने रेस्टोरेंट भी अब वनस्पति आधारित और शाकाहारी भोजन परोसने लगे हैं। लेकिन इसके साथ साथ खानपान में शुद

इंदौर संपादक 05-06-2021, 09:20 pm

बेहतर कल के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी : डॉ सुनील जैन संचय, ललितपुर

पर्यावरण दिवस 5 जून 2021 पर विशेष : प्राणवायु ही नहीं जीवन के आधार हैं वृक्ष पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘परि’ + ‘आवरण’। ‘परि’ का अर्थ है- चारों ओर और ‘आवरण’ का अर्थ है-घेरा। वह घेरा जो हमारे चारों ओर व्याप्त है और जिसमें हम जन्मते, बढ़ते व जीवनयापन करते हैं, पर्याव

इंदौर संपादक 05-06-2021, 04:58 am

परिस्थिति कुछ भी हो मनःस्थिति को संतुलित रखिए - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

मानवीय संवेदनाओं को संक्रमित होने से बचाएं हम सभी अवगत हैं, इन दिनों कोविड के संकट के दौर से पूरा विश्व गुजर रहा है।भारत पर कोरोना का कहर वज्रपात की तरह बरसा है। कोरोना से ये जो मौतें हो रहीं हैं, वे महज एक आंकड़ा नहीं बल्कि किसी की पूरी दुनिया है। ऐसे समय में आदमी के साथ रिश्तों

इंदौर संपादक 28-05-2021, 02:19 am

अक्षय तृतीया : अक्षय तृतीया से शुरू हुयी थी जैन परम्परा में दान की शुरूवात - डॉ. सुनील जैन ‘संचय’, ललितपुर

भारतीय संस्कृति में पर्व, त्याहारों और व्रतों का अपना एक अलग महत्व है। ये हमें हमारी सांस्कृतिक परंपरा से जहां जोड़ते हैं वहीं हमारे आत्मकल्याण में भी कार्यकारी होते हैं। वैशाख शुक्ला तृतीया को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है। इस दिन जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ ) ने र

इंदौर संपादक 08-05-2021, 07:16 pm

मदर्स डे : पीड़ाओं को सहकर आंचल की छाया देती है माँ - डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर

माँ ही है, जो हमे दुनिया से नौ महीनों ज्यादा जानती है | मां के लिए कोई भी शब्द, लेख या उपाधि कम होगी। उनके प्यार और समर्पण को जिंदगी लगाकर भी जताया नहीं जा सकता है। लेकिन फिर भी एक दिन है जो पूरी तरह मां को समर्पित होता है, इस दिन को मदर्स डे कहते हैं। साल 2021 में मातृत्व दिवस य

इंदौर संपादक 08-05-2021, 07:10 pm

तीर्थंकर महावीर और उनके द्वारा उपदेशित अहिंसा - डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

तीर्थंकर महावीर का उदय ऐसे समय में हुआ, जहाँ मानव क्रूर हिंसा की क्रिया में लिप्त था। हिंसा का बोलबाला था। आज भी जहाँ यह स्थिति परिलक्षित हो रही है इसे पाटने के लिए उनका मार्ग ही श्रेयस्कर है। उनके जीवन से हम सब आज भी परिवर्तन ला सकते हंै।चैत्र सुदी तेरस का दिन महान पवित्र दिन है

इंदौर संपादक 04-05-2021, 04:35 am