गलियाकोट/पुनर्वास कॉलोनी (सागवाड़ा, डूंगरपुर)। वागड़ और मेवाड़ अंचल सहित देश-विदेश के जैन समाज के लिए गौरव का अवसर सामने आया है। सागवाड़ा की पुनर्वास कॉलोनी में विराजमान सिद्धांत चक्रवर्ती वैज्ञानिक धर्माचार्य श्री कनकनंदी जी गुरुराज के पावन चातुर्मास के दौरान ज्ञान-विज्ञान, अध्यात्म और जिनवाणी के क्षेत्र में उनके योगदान को वैश्विक स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

22 नवंबर को होगा गोल्डन बुक अवार्ड समारोह

वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक (पीआरएल/इसरो) एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. राजमल जैन कोठारी ने बताया कि अमेरिका की ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ द्वारा आचार्य श्री कनकनंदी जी के ग्रंथ-साहित्यिक योगदान को आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई ने आचार्यश्री को विश्व स्तरीय सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान करने की स्वीकृति दी है।

ऐतिहासिक स्वर्ण पदक एवं सम्मान समारोह 22 नवंबर 2026 को पुनर्वास कॉलोनी स्थित जैन मंदिर के नवनिर्मित ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।

चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

प्रो. राजमल जैन कोठारी के अनुसार 21 से 24 नवंबर 2026 तक चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘जैन दर्शन और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता’ रहेगा। इसमें भारत सहित विदेशों से 50 से अधिक ख्यातिप्राप्त विद्वान, शोधकर्ता और वैज्ञानिक सहभागिता करेंगे।

देश के विभिन्न हिस्सों से जुटेंगे विद्वान

आयोजन में महाराष्ट्र से मिहिर गांधी एवं संदेश गांधी सहित विभिन्न क्षेत्रों से विद्वानों की सहभागिता रहेगी। दक्षिण भारत से लगभग 20 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मूर्धन्य विद्वान एवं महानुभाव भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

सागवाड़ा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सागवाड़ा प्राचीनकाल से ही ‘श्री 18000 हुम्मड़ दिगंबर जैन संस्थान’ की प्रथम एवं मुख्य पीठ रही है। सात अद्भुत एवं विशाल जैन मंदिरों की इस पावन धरा के समीप गलियाकोट-पुनर्वास कॉलोनी का समृद्ध जैन इतिहास इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करता है। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन वागड़-मेवाड़ क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।

आयोजन की तैयारियां तेज

समारोह के समन्वयक श्री नगिन भाई शाह, पुनर्वास कॉलोनी जैन समाज के अध्यक्ष श्री नरेंद्र भाई गलालिया, समाज के प्रवक्ता मनोज गलालिया एवं प्रधानाचार्य श्री राजेश जी ने कार्यक्रम की तैयारियों एवं प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर स्थानीय समाज के साथ देश-विदेश के श्रद्धालुओं में भी उत्साह का वातावरण है

ज्ञान, अध्यात्म और जिनवाणी को समर्पित आयोजन

आयोजकों ने बताया कि आचार्य श्री कनकनंदी जी गुरुराज के ज्ञान-विज्ञान, अध्यात्म एवं जिनवाणी के क्षेत्र में योगदान को सम्मानित करने वाला यह आयोजन जैन दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।