मुरैना। अखिल भारतवर्षीय वीतराग जिनशासन प्रभावना संगठन (रजि) का द्वितीय स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संगठन की दो वर्षों की कार्ययात्रा, उपलब्धियों और धार्मिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही भविष्य की कार्ययोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए संगठन की दो नवीन योजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में ‘वर्धमान जैन रोजगार योजना’ तथा ‘जिनशासन बाल संस्कार एवं ज्ञान अभियान’ की शुरुआत को संगठन की महत्वपूर्ण पहल बताया गया। रोजगार योजना के माध्यम से जैन समाज के युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने तथा बाल संस्कार एवं ज्ञान अभियान के अंतर्गत जैन पाठशालाओं में अध्ययनरत बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। संगठन का उद्देश्य देशभर की जैन पाठशालाओं के विद्यार्थियों को साझा मंच उपलब्ध कराकर उनकी धार्मिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रतिभा को निखारना है।

जिनशासन प्रतियोगिता’ के परिणाम भी घोषित

इस अवसर पर संगठन द्वारा आयोजित जिनशासन प्रतियोगिता’ के परिणाम भी घोषित किए गए।प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की सराहना की गई तथा विजेताओं को सम्मानित करने और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में संगठन से नव-संबद्ध सदस्यों का स्वागत एवं अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार संघी, टोंक तथा विशिष्ट अतिथि श्री अरविंद जी, चेन्नई उपस्थित रहे। संगठन के मार्गदर्शक महेंद्र कुमार शास्त्री, मुरैना, अध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र शास्त्री, सागर, कार्याध्यक्ष श्री पंकज जैन शास्त्री, इंदौर, महामंत्री श्री प्रतीक शास्त्री, नोएडा तथा कोषाध्यक्ष प्रिंस शास्त्री देवांश, फिरोजाबाद सहित परामर्श मंडल के सदस्य श्री दीपचंद कोठिया, सुरेशचंद बाबूजी एवं अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

नवीन योजनाएं इस दिशा में सार्थक पहल

वक्ताओं ने संगठन के दो वर्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिनशासन की प्रभावना केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा प्रोत्साहन और सामाजिक सहयोग के माध्यम से भी इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहिए। संगठन की ओर से प्रारंभ की गई नवीन योजनाएं इसी दिशा में सार्थक पहल हैं। कार्यक्रम के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने सभी मार्गदर्शकों, अतिथियों, सदस्यों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही जिनशासन की प्रभावना के लिए देशभर में संगठित रूप से कार्य करने तथा भविष्य में नवीन योजनाओं को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।