दिल्ली ऋषभोदय। ऋषभोदय में विराजित पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनिश्री सुव्रतसागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि आगामी 25 अक्टूबर रविवार का दिन बेहद खास होगा। पट्टाचार्य गुरुदेव श्री विशुद्धसागर जी ससंघ के सान्निध्य में दिल्ली इतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रही है। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के कर कमलों से दिगंबर दीक्षाएं होने जा रही हैं। बाल ब्रह्मचारी अंकित भैया (प्रतापगढ), बाल ब्रह्मचारी अनिकेत भैया (मुंबई), बाल ब्रह्मचारी यश भैया (भिंड), प्रसन्न पाटणी (छत्रपति संभाजी नगर); ब्रम्हचारी वकीलचंद्र (बड़ौत) सभी 5 ब्रह्मचारी निरंतर करीब करीब 2 वर्षों से प्रयास कर रहे थे कि उनकी दिक्षा हो। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी ने बहुत दूर दृष्टि से कहा था कि आपको जरूर दीक्षा देंगे और ऐतिहासिक दीक्षाएं देंगे।

25 अक्टूबर को होंगी दीक्षाएं

आप सभी को बताने में खुशी हो रही है कि वो दीक्षाएं होनेवाली है। लाल किले के परिसर में गणाचार्य श्री विराग सागर महाराज के शिष्य पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी के सान्निध्य एवं करकमलों से 25 अक्टूबर को समारोह पूर्वक दोपहर 2 बजे से भव्य जैनेश्वरी दीक्षा प्रारंभ होगी।

सभी 5 ब्रम्हचारी पट्टाचार्य श्री के सानिध्य में

सभी 5 ब्रम्हचारी पट्टाचार्य श्री के सानिध्य में आ गए हैं। जैन मुनि बनने प्रक्रिया कठिन होती है। निरंतर साधना और तपस्या के बाद आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ने उन्हें दीक्षा देने की स्वीकृति दी। पूरा विश्व देखेगा दिल्ली लाल किला में होने वाला जैनेश्वरी दीक्षा का दृश्य।