कुण्डलपुर (दमोह)। 2 सितंबर से खनियाधाना गोलाकोट से पदयात्रा प्रारंभ कर 10 सितंबर को प्रातः सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर पदयात्री पहुंचे। कुण्डलपुर प्रवेश द्वार पर पहुंचकर पावनधरा को वंदन करते हुए पावन रज (धूलि) को मस्तक पर लगाया और बीडी, सिगरेट, गुटका नशा जैसे व्यसन बुराइयों, रात्रि भोजन आदि का आजीवन त्याग कर व्रत नियम लेकर पूज्य बड़े बाबा के चरणों में पहुंचकर अभिषेक, शांतिधारा ,पूजन का सौभाग्य अर्जित किया। प्रचारमंत्री जयकुमार जैन 'जलज' ने बताया कि इस अवसर पर कुण्डलपुर में चातुर्मासरत निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज, मुनि श्री पवित्रसागर जी महाराज संघस्थ सभी साधु जनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनिश्री ने सभी को साहित्य वितरित किया। कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी ने पदयात्रियों का सम्मान अभिनंदन किया।

इन स्थानों से आए पदाधिकारीगण

पदयात्रियों में गुना, भ्याना, खनियाधाना, लटेरी, गंजबासौदा, टीकमगढ़, देहरी, मुरारिया, भोपाल, इंदौर ,जैतपुर आदि स्थानों से सम्मिलित 40 पदयात्री खनियाधाना से बामोरकलां, ललितपुर, बानपुर, टीकमगढ़, पपौरा जी, बड़ागांव, घुवारा, भगवा द्रौणगिर, बड़ामलहरा, वाजना, रजपुरा ,हटा ,पटेरा होते हुए रास्ते में पड़ने वाले सभी तीर्थक्षेत्रों, मंदिरों की वंदना करते हुए मुनि, आर्यिका संघ का आशीर्वाद लेते हुए अहिंसा, शाकाहार की अलख जगाते धर्म प्रभावना करते कुण्डलपुर पहुंचे।