भारतीय नववर्ष नवचेतना, नवसंस्कार और आदिनाथ का दिव्य संदेश : भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन
संवाददाता: Reporter: Shree Phal News•इंदौर•19/3/2026, 9:23:30 pm

भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का सजीव अध्याय है। चैत्र शुक्ल एकम—जिसे देश के विभिन्न अंचलों में गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। आगरा से पढ़िए, डॉ. राजीव जैन की यह खबर...
आगरा। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का सजीव अध्याय है। चैत्र शुक्ल एकम—जिसे देश के विभिन्न अंचलों में गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। ऐसा ही एक पावन दिवस है, जो नववर्ष के साथ-साथ नवचेतना, नवसंस्कार और नवसंकल्प का संदेश लेकर आता है। यह वह शुभ घड़ी है, जब प्रकृति स्वयं नवजीवन का आह्वान करती है—वृक्षों पर नवपल्लव, वातावरण में नवसुगंध और चेतना में नवप्रेरणा का संचार होता है। मानो संपूर्ण सृष्टि एक नए अध्याय के आरंभ का उत्सव मना रही हो। जैन दर्शन की दृष्टि से यह दिवस और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो उठता है, क्योंकि यह हमें प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) की स्मृति और उनके द्वारा प्रदत्त दिव्य जीवन-दर्शन की ओर ले जाता है। जब कल्पवृक्षों का युग समाप्ति की ओर अग्रसर हुआ और मानव जीवन सहजता से संघर्ष की ओर बढ़ा, तब समाज दिशाहीनता के अंधकार में डूबने लगा। ऐसी विषम परिस्थिति में भगवान आदिनाथ ने केवल एक अवतार नहीं लिया, बल्कि मानव सभ्यता को एक नई दिशा दी। उन्होंने जीवन को साधना और व्यवस्था का स्वरूप दिया।
प्रतिक्रिया व्यक्त करेंShare your reaction
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया चुनें।Pick your reaction to this story.
संबंधित खबरेंRelated News
धर्म आत्मा का स्वाभाविक गुण है, बाहरी आडंबर नहीं : आचार्यश्री उदारसागर महाराज
मुरैना के बड़े जैन मंदिर में आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने धर्म को आत्मा का स्वाभाविक गुण बताते हुए सम्यक् दर्शन, ज्ञान और चरित्र को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। मुनिश्री उपशांतसागर महाराज ने सांसारिक संबंधों को कर्मों के अधीन बताया। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 1/8/2026, 3:21:43 pm
धर्म का प्रभाव तभी दिखाई देता है, जब वह हमारे आचरण में उतरता है : मुनि साध्य सागर जी
इंदौर के मल्हारगंज स्थित बीसपंथी मंदिर में मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री विनय नंदी जी महाराज का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मुनिश्री ने धर्म को आचरण में उतारने का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 1/8/2026, 2:59:53 pm


