आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी के 9 शिष्य मुनियों के अकोला की ओर बढते कदम: 2 मार्च को होगा अकोला में मंगल प्रवेश

अकोला में आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी के शिष्यों के सानिध्य में पंच कल्याणक और मान स्तंभ प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। आगामी मार्च महीने में यह भव्य आयोजन होगा। मुनियों का संघ पंढरपुर से अकोला की ओर विहाररत है। 2 मार्च को इनका मंगल प्रवेश होगा। पढ़िए अकोला से अभिषेक पाटील की यह खबर...
अकोला (महाराष्ट्र )। मुनिश्री सर्वार्थसागर जी महाराज ने बताया कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य मुनियों का मंगल विहार अकोला पंचकल्याणक के लिए शुरु है। गणाचार्य श्री विरागसागर जी के पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनिश्री विभास्वरसागर जी, मुनिश्री प्रणेयसागर जी, मुनिश्री प्रणवसागर जी, मुनिश्री सर्वार्थसागर जी, मुनिश्री साम्यसागर जी, मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज, मुनिश्री शुद्धोपयोगसागर जी, मुनिश्री श्रीसागर जी, मुनिश्री श्रमसागर जी का मंगल विहार अकोला की ओर हो रहा है। धर्मनगरी अकोला, महाराष्ट्र के विदर्भ प्रांत में श्री 1008 पदमप्रभु भगवान की 31 फीट पाषाण प्रतिमा, जिसकी कुल ऊंचाई जमीन से 51 फुट ऊंची होगी। जो संपूर्ण विदर्भ प्रांत के किसी भी प्रदेश में नहीं है। ऐसा अद्भुत अलौकिक सौभाग्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के मंगल आशीर्वाद से अकोला नगरी को प्राप्त हुआ है। श्री 1008 वासुपूज्य पंच बालयती सकल दिगंबर जैन मंदिर जैन नगर, गोकर्ण पार्क, डाबकी रोड, अकोला जिन मंदिर के सामने मानस्तंभ की प्रतिष्ठा होगी। अकोला नगरी में 21 से 25 मार्च तक प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। जिसमें नवरत्न मुनिराज सम्मिलित होंगे। सभी 9 मुनिराजों का 2 मार्च को मंगल आगमन धर्मनगरी अकोला में होगा। यहां आनंद और हर्ष निरंतर बढ़ रहा है।
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