मौन जुलुस में दिखाया मौन आक्रोश: बेगुर (बेंगलोर) में जैन समाज ने निकाला विरोध जुलुस, साधुओं की सुरक्षा की मांग की

रीवा मध्यप्रदेश में हुई सड़क दुर्घटना में समाधिस्थ हुईं जैन साध्वी आर्यिका श्रुतमति जी एवं आर्यिका उपशममति जी की स्मृति में रविवार सुबह 8 बजे बेगुर (बेंगलोर) सकल दिगम्बर और श्वेतांबर जैन समाज द्वारा एक मौन जुलुस निकाला गया। बेंगुर से पढ़िए, यह खबर...
बेगुर(बेंगलोर)। रीवा मध्यप्रदेश सड़क दुर्घटना में समाधिस्थ हुईं जैन साध्वी आर्यिका श्रुतमति जी एवं आर्यिका उपशममति जी का गाड़ी से सोची समझी साजिश के तहत एक्सीडेंट कर दिया गया। इससे दोनों माता जी की समाधि हो गई। इसके विरोध में पूरे भारत में मौन जुलुस निकाले जा रहे हैं। इसी कड़ी में बेगुर (बेंगलोर) में जैन समाज द्वारा विरोध जुलुस निकाला गया, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए पुलिस स्टेशन में समापन हुआ। जहां एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें कर्नाटक सहित पूरे भारत मे जैन संत जो पैदल बिहार करते हैं साधु-संतों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इस अवसर पर समाज के वरिष्ट सदस्यों ने कहा कि माताजी का जीवन धर्म, साधना और आत्मसंयम की अनुपम प्रेरणा रहा है। जैन साधु पूरे भारत पैदल विहार करते हैं। इस अवसर पर समाजजनों ने सरकार से मांग की कि देशभर में पद विहार करने वाले साधु-संतों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आगे कहा कि सड़क मार्गों पर पदविहार के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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