इंदौर। निर्यापक मुनि श्री पुंगव सुधा सागर जी महाराज ने दलाल बाग की धर्मसभा में कहा कि सम्यक दृष्टि व्यक्ति भगवान जिनेंद्र देव के दर्शन से कभी नहीं थकता। यदि मन में भाव आए कि रोज-रोज दर्शन से क्या होता है तो समझो वह मिथ्या दृष्टि है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि महाराज श्री ने कहा कि कारण बता कर भगवान को छोड़ना चलेगा पर बोर होकर भगवान को छोड़ना मिथ्या दृष्टि है। उसे सम्यक दर्शन नहीं हो पाएगा।

भारत में जन्म मिलना बड़े पुण्य का फल है

महाराज श्री ने प्रेरणा देते हुए कहा, विदेश में जन्म होता तो सिद्ध क्षेत्र के दर्शन, गुरु दर्शन, मुनि को आहार देने का सौभाग्य और श्रावक संस्कार शिविर का लाभ नहीं मिलता। आपने अच्छे कर्म किए हैं इसलिए भारत भूमि में जन्म मिला है।

इंदौर वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर में जन्म नहीं होता तो 2026 का यह चातुर्मास नहीं मिलता। इस अवसर का लाभ ले लो वरना कर्म ऐसी जगह फेंकेगा जहां मुनियों का विहार और चातुर्मास दुर्लभ होगा। दसलक्षण पर्व और शिविर का पूरा लाभ लें।

महाराज श्री के सूत्र

- बड़े और अधिक पुण्यवान व्यक्ति को साइड दे दो, उससे कभी टकराना नहीं। उसे आगे बढ़ने दो, तुम पीछे आ जाओ, जीवन सुरक्षित रहेगा।

- गरीब हो तो अमीर से मान कषाय मत करो, समर्थवान का विनय-सम्मान करो।

- सभी धनवानों से आग्रह है, आज धन है तो अच्छे कार्य कर लो, ताकि अगले भव में धनवान बनने का रिजर्वेशन सुरक्षित हो जाए, अक्षय निधि का पुण्य भंडार भरा रहे।

दस दिन दसलक्षण महापर्व पर घर का ही भोजन करें

महाराज श्री ने कहा कि घर की रोटी की गिनती नहीं होती पर होटल में हर वस्तु गिनी जाती है और मूल्य देना पड़ता है। वैसे ही सांसें भी गिन-गिन कर मिलती हैं। इसलिए पर्व के 10 दिन वहां भोजन मत करो जहां खरीद कर खाना पड़े। उन हाथों से खाओ जो गिन कर नहीं खिलाते - मां, पत्नी, बहन कभी खाने का मूल्य नहीं लेती।

आहार दान की महिमा -

अलोल वृत्ति है, मुनि का पेट भरता है पर श्रावक अपना अहोभाग्य समझते हैं। आप एक बार अन्न देते हैं, पर उस भाव से मुनि अनगिनत जीवों को धर्म खिलाते हैं इसलिए शक्ति अनगिनत मिलती है। जो आहार दान देता है वह मुनि को 12 तप देता है।

प्रवचन का सार -

1. 10 दिन अपने घर में ही खाओ, जहाँ गिना न जाए और मूल्य न देना पड़े।

2. धन है तो आज ही अच्छे कार्य कर लो।

3. कारण से भगवान को छोड़ना चलेगा, बोर होकर छोड़ना मिथ्यात्व है।

कार्यक्रम में यह समाजजन उपस्थित रहे

इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी आकाश आलोक कोल, आनंद नवीन गोधा हर्ष जैन अक्षय कासलीवाल डॉ जैनेन्द्र जैन भुपेंद्र जैन श्रुत जैन, एवं श्रीमती मुक्ता जैन, सोनाली बागढीया आदि समाज जन उपस्थित थे।