मुनि सुव्रतनाथ जिनालय में णमोकार महामंत्र का पाठ: हाईलिंक सिटी स्थित भगवान मुनि सुव्रतनाथ जिनालय में हुआ आयोजन

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में विश्व णमोकार महामंत्र दिवस पर दिगंबर जैन समाज द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर णमोकार महामंत्र का पाठ किया गया। दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति की महान परंपरा में णमोकार महामंत्र अतिशयकारी माना जाता है। इंदौर से पढ़िए, गिरीश रारा की यह रिपोर्ट...
इंदौर। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में विश्व णमोकार महामंत्र दिवस पर दिगंबर जैन समाज द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर णमोकार महामंत्र का पाठ किया गया। दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति की महान परंपरा में णमोकार महामंत्र अतिशयकारी माना जाता है। एक अर्थ में यह केवल जैन समाज ही नहीं अपितु मानव मात्र के लिए कल्याणकारी माना जाता है। पंच परमेष्ठी का स्मरण और उनकी स्तुति के निमित्त यह महामंत्र सर्वधर्म समभाव की दृष्टि से भी लोक कल्याणकारी समझा जा सकता है। इसके अंतर्गत अरिहंत और सिद्ध से लेकर समस्त साधुजनों को विशुद्ध भाव से नमन किया जाता है। णमोकार महामंत्र के पाठ के चमत्कारिक स्वरूप का दर्शन विभिन्न धर्म शास्त्रों में भी उल्लेखित है। इसी तारतम्य में हाईलिंक सिटी स्थित भगवान मुनि सुव्रतनाथ जिनालय में सैकड़ांे की संख्या में जैन समाज के महिला एवं पुरुष वर्ग ने प्रातः 8.30 से 9 बजे तक णमोकार महामंत्र का पाठ किया। इस अवसर पर सकल समाजजन श्रद्धाभक्ति के भाव से भरे हुए थे। उल्लेखनीय है कि उक्त जिनालय में समय-समय पर भाव भक्ति का अद्भुत दृश्य उपस्थित होता रहा है।
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