परम पूज्य आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का रामगढ़ में भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा और जयघोष के बीच हुआ। धर्मसभा में समय के सदुपयोग का प्रेरक संदेश दिया गया। बुधवार प्रातः दांता की ओर मंगल विहार होगा तथा 14 से 16 जुलाई तक धोद में 37वां आचार्य पदारोहण दिवस मनाया जाएगा। पढ़िए श्रीफल साथी डॉ. राजेश पंचोलिया की यह रिपोर्ट।
रामगढ़। परम पूज्य आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ (37 पिच्छिका) का मंगलवार को रामगढ़ में श्रद्धा, भक्ति और जयघोष के बीच भव्य मंगल प्रवेश हुआ। नगर सीमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंगल गीत, गुरु वंदना और जयकारों के साथ अगवानी की। इसके बाद संघ का श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन काँच मंदिर में विधिवत स्वागत किया गया। पूरे नगर में दिनभर धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।समय का सदुपयोग करने का संदेश

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने कहा कि समय किसी का सगा नहीं होता। यह कब बदल जाए, कोई नहीं जानता। इसलिए धर्म, सेवा, तप, स्वाध्याय और आत्मचिंतन जैसे श्रेष्ठ कार्यों को कभी टालना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण अमूल्य है तथा संयम, त्याग और सत्कर्म ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।

सुख-दुख में समता का संदेश

आचार्य श्री ने कहा कि सुख-दुख, लाभ-हानि और मान-अपमान समय के साथ बदलते रहते हैं। इसलिए मनुष्य को अहंकार छोड़कर विनम्रता, आत्मबल और समता को अपनाना चाहिए। धर्म केवल मंदिरों तक सीमित न रहकर व्यवहार और जीवनचर्या में भी दिखाई देना चाहिए।

आज प्रातः दांता की ओर मंगल विहार

समाज के पदाधिकारियों के अनुसार आचार्य श्री का रामगढ़ में रात्रि विश्राम रहेगा। बुधवार प्रातः 5:15 बजे श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन काँच मंदिर से लगभग 4.8 किलोमीटर का मंगल विहार प्रारंभ होकर दांता पहुंचेगा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु गुरु संघ की अगवानी करेंगे। वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार ने अधिक से अधिक धर्मप्रेमियों से मंगल विहार में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

दांता की ऐतिहासिक धार्मिक गौरव परंपरा

दांता नगर प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के प्रथम मुनि शिष्य आचार्य वीरसागर जी महाराज के प्रथम मुनि शिष्य नगर गौरव मुनि श्री आदि सागर जी महाराज की जन्मस्थली है। दिगंबर जैन परंपरा में यह नगर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

धोद में होगा 37वां आचार्य पदारोहण दिवस

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 37वां आचार्य पदारोहण दिवस 14 से 16 जुलाई तक धोद में श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर विविध धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहने की संभावना है।