गणाचार्य श्री के संघस्थ श्रमण मुनि विहितसागर जी महाराज का गृहस्थाश्रम में मंत्रीजी से पारिवारिक संबंध रहा हैं।.मंत्रीजी ने उनके साथ अपने गृहस्थ जीवन की यादें तरोताजा की।
पूज्य गणाचार्य गुरुदेव के सानिध्य में सागर नगर में विभिन्न आयोजन के साथ प्रवास होगा।







