जैन समुदाय में चातुर्मास के असीम महत्व के मद्देनजर राज्य सरकार के संकल्प पत्र में जैन श्रमणों (साधु - साध्वियों) के चातुर्मास में ठहरने एवं प्रवचन और आहार वाले स्थान की सुरक्षा, निहार तथा उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं। सिरोही से पढ़िए, यह खबर...
सिरोही। जैन समुदाय में चातुर्मास के असीम महत्व के मद्देनजर राज्य सरकार के संकल्प पत्र बिन्दुनुसार जैन श्रमणों (साधु - साध्वियों) के चातुर्मास के दौरान ठहरने एवं प्रवचन और आहार वाले स्थान की सुरक्षा, निहार तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चौधरी ने जैन समुदाय के महानुभावों,संगठन पदाधिकारियों,युवा संगठनों से सादर अपील की है कि वे सिरोही जिले के सीमा क्षेत्र के चातुर्मास स्थलों की सूचना जिसमें श्रमणों की संख्या, श्रमणों (साधु- साध्वियों) के नाम एवं दीक्षा प्रदान करने वाले श्रमण का नाम, चातुर्मास स्थल की जीपीएस लोकेशन, उत्तरदायी व्यक्तियों संपर्क सूत्र, जिला प्रशासन एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग को उपलब्ध करवाएं। ताकि चातुर्मास के स्थल की सुरक्षा एवं श्रमणों के स्वास्थ्य सम्बन्धी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जिला पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उपनिदेशक आयुर्वेद,योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को पत्र भी लिखा है।




